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Monday, November 23, 2015

how to achieve your goal.

Goal
     गोल सेटिंग ये शब्द तो हमने बहोत बार सुना ही होंगा.
    Business की दुनिया में ये शब्द बहोत से लोगों के Common शब्द हो गया है. ‘how to achieve your goal.’ नाम के Article भी बहोत है. बहोत से लोग इसपर व्याख्यान  भी देते है. गोल सेटिंग इस विषय पर हमेशा कार्यशाला भी होती है. और बहोत से लोग पैसे देकर उस कार्यशाला में जाते है.
     सचमुच, इतना मुश्किल है ? इस सवाल का जवाब ?
     ‘मेरा लक्ष्य क्या है ?’
 सवाल आसान है, जवाब मुश्किल है. क्योकि बहोत कम लोगों को इस सवाल का जवाब मिलता है.
     पर ऐसे ढूडने से तो हमें जवाब नहीं मिलेंगा. हमें कहा जाना है ये पता ही नहीं होंगा तो हम कौनसे बस में चढ़ेंगे ? कहा पोहचेंगे ?
    अपना सफर तय करना मतलब लक्ष्य तय करना, गोल सेटिंग करना है.
 आज हम बहोत आसान शब्दों में देखते है की गोल सेटिंग क्या है. क्योंकि इस सफर में हमें अपना गोल पता होना चाहिये. वो समझ में आयेंगा तभी हम उसके लिये आवश्यक स्किल्स सिख सकेंगे.
1) मुझे Exactally क्या करना है ? सबसे पहले खुद को यही पूछो की मुझे मेरे क्षेत्र में Exactly क्या काम करना है ? मुझे क्या पसंत है ? मुझे टेक्निकल काम पसंत हैं या व्यापार ? कौनसे क्षेत्र में मुझे आगे जाना है. ऐसा क्या है जो मुझे दिल से पसंत है. उसमे पैसा ज्यादा मिले या कम मिले, मुझे वही काम करना अच्छा लगेंगा, ऐसा कोनसा काम है ?
2) जो काम पसंद है,उसके साथ आपकी तत्वों Match होते है क्या ?सिर्फ पसंत है इस लिये नहीं,उस काम के लिये जरुरी ईमानदारी,दृढता,मेहनत लेने के लिये तैयार हो क्या आप ?या पसंत है इसलिये अभी करना और फिर छोड़ देना ऐसा होता है आपका ?
3) घरवाले क्या कहते है, उनका साथ है ? अगर नहीं होंगा तो आप उन्हें मना सकते हो ? क्योकि घरवालो का ना हो तो बहोत से लोगोंको काम पर फोकस करना मुश्किल हो जाता है.
4) एकदम से पुरे जिंदगी का लक्ष्य तय मत करो. जिंदगी में के छोटे छोटे कदम आपका करिअर बनाते है. इसलिये छोटा काम करने का तय करो. छोटा गोल सेट करो. वो पूरा होने पर आपका आत्मविश्वास बढेंगा. छोटा लक्ष्य, छोटे समय के लिये ये Rule ध्यान में रखो.
5) हमेशा काम, चोबीस घंटे काम ऐसा मत करो. दोस्त, घरवाले, आपकी पसंदीदा चीजो के लिये समय निकालो. बहोत से लोग एकसाथ घंटो काम करने की कोशिश करते है. और जल्दी थक जाते हे, ये तो ऐसी बात हुई मतलब जोर से भागकर जल्दी ही थक जाना तो फिर सफर पूरा कैसे होंगा.
6) मुकाबला किया तो खुद के साथ करो बाकी लोंगो के साथ नही. उस वजह से दुसरे का लक्ष्य आपका लक्ष्य बनना नहीं चाहिये. आप खुद का सफर खुद के लिये करो. तभी जित आप की होंगी.

Thanks...


Tuesday, November 17, 2015

भेडिया और गधा

:भेडिया और गधा  Moral Story In Hindi


  ☆☆☆☆☆☆★Hello ★☆☆☆☆☆☆
एक समय की बात है,
जंगल में भेड़ियों का झुण्ड रहता था  !!
♡♡♡⇩
वे शिकार करते हुए कभी कभी गाँव की
तरफ आया करते थे  ◆
♬♬♬♬♬♬♬♬♬⇩
वे सभी स्वार्थी थे कोई भी
अपना शिकार बाँटना नहीं चाहते
(⊙o⊙)
एक दिन उन्होंने ने फैसला किया
कि झुण्ड से किसी को नेता बनाया जाए.
♡♡♡♡♡♡♡♡♡♡⇩
सबने यह फैसला मान लिया.
फिर उनमें से एक भेड़िये को नेता
चुना गया.
♤♡♤♡♤♡♤♡♤♠♥♠♥♠⇩⇩
नेता भेड़िया एक दिन सबको
इकट्ठा करके बोला,
" हम सब बहुत स्वार्थी हैं
   इसलिये मै एक नियम बनाना चाहता हूँ  !!
     आज से कोई भी भेड़िया शिकार करे
   और अपने किसी भाई को भूखा पाये
  तो वह उसे अपने हिस्से का
  खाना देगा  ! "
♡♥♡♥♡♥♡♥♡♥⇩♥♡♥⇩
सभी भेडिये बोले,
" हमने बहुत अच्छा नेता चुना है "
☆★☆★☆★☆★☆★☆★☆★⇩⇩
सबने हाँ कर दी  !!
यह सब बातें पत्थर के पीछे छुपा
एक गघा सुन रहा था
♡♡♡♡♡♡♡♡♡♡♡♬♬⇩⇩
उसने सामने आकर कहा ,
" नेता जी आपके माडे के अंदर
   एक हिरण का मांस पडा है "
♥♥♥♥♤♤♤♤♥♥♥♥⇩⇩
वह भेड़िया तुरंत माडे कि तरफ दौडा
की कही मांस को कोई और ना खा ले !!!
☆★☆★☆★☆★☆★☆★☆★☆
शिक्षा:  अगर नियम बनाना है
            तो सबके लिये  एक जैसा होना चाहिये 
♪♪♪♪♪♪♪♪♪♪♪♪♪♪♪♪
कहानी कैसी लगी हमे नीचे ⇩⇩comment मे बताये  !!
Thanks...

Technical knowledge for open here

Tuesday, November 10, 2015

मेहनत कभी बेकार नहीं जाती

प्रेरक प्रसंग : मेहनत कभी बेकार नहीं जाती
विश्वास की शक्ति : Power of Belief 
जिंदगी में किया गया कोई भी काम या मेहनत कभी बेकार नहीं जाती| हम जितनी मेहनत करते है उसका प्रतिफल हमें किसी किसी रूप में अवश्य मिलता है, यही सत्य है|
फर्क केवल इतना है कि कुछ व्यक्ति इस बात पर विश्वास करते है किमेहनत कभी बेकार नहीं जातीऔर अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए तब तक प्रयास करते रहते है जब तक कि लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर लेते| वहीँ दूसरी और कुछ व्यक्ति जल्दी ही हार मान लेते है और प्रयास करना बंद कर देते है|
यही सफलता और असफलता के बीच का फर्क है जिसे हम विश्वास या आत्मविश्वास कह सकते है क्योकि सारा खेल विश्वास का ही है|

विश्वास पत्थर को भगवान बना सकता है और अविश्वास भगवान के बनाए इन्सान को पत्थरदिल बना सकता है|

मैंने जब से इस बात पर विश्वास करना शुरू किया है किमेहनत कभी बेकार नहीं जातीतब सेमेरी मेहनत कभी बेकार नहीं गयीऔर शायद इसी विश्वास के कारण मैं आज यह लेख लिख पा रहा हूँ|
प्रेरक प्रसंग : थॉमस अल्वा एडिसन – Thomas Alva Edison Prerak Prasang  
महान वैज्ञानिक थॉमस एडिसन (Thomas Alva Edison) बहुत ही मेहनती एंव जुझारू प्रवृति के व्यक्ति थे| बचपन में उन्हें यह कहकर स्कूल से निकाल दिया गया कि वह मंद बुद्धि बालक है| उसी थॉमस एडिसन ने कई महत्वपूर्ण आविष्कार किये जिसमें सेबिजली का बल्बप्रमुख है| उन्होंने बल्ब का आविष्कार करने के लिए हजारों बार प्रयोग किये थे तब जाकर उन्हें सफलता मिली थी|
एक बार जब वह बल्ब बनाने के लिए प्रयोग कर रहे थे तभी एक व्यक्ति ने उनसे पूछा – “आपने करीब एक हजार प्रयोग किये लेकिन आपके सारे प्रयोग असफल रहे और आपकी मेहनत बेकार हो गई| क्या आपको दुःख नहीं होता?”
एडिसन ने कहा – “मै नहीं समझता कि मेरे एक हजार प्रयोग असफल हुए है| मेरी मेहनत बेकार नहीं गयी क्योंकि मैंने एक हजार प्रयोग करके यह पता लगाया है कि इन एक हजार तरीकों से बल्ब नहीं बनाया जा सकता| मेरा हर प्रयोग, बल्ब बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा है और मैं अपने प्रत्येक प्रयास के साथ एक कदम आगे बढ़ता हूँ|”
कोई भी सामान्य व्यक्ति होता तो वह जल्द ही हार मान लेता लेकिन थॉमस एडिसन ने अपने प्रयास जारी रखे और हार नहीं मानी| आखिरकार एडिसन की मेहनत रंग लायी और उन्होंने बल्ब का आविष्कार करके पूरी दुनिया को रोशन कर दिया|
यह थॉमस एडिसन का विश्वास ही था जिसने आशा की किरण को बुझने नहीं दिया नहीं और पूरी दुनिया को बल्ब के द्वारा रोशन कर दिया|

सफलता के रास्ते तभी खुलते है जब हम उसके करीब पहुँच जाते है
मेहनत कभी बेकार नहीं जाती| यह विश्वास ही हमें आगे बढ़ने एंव निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित करता है| हमारा हर प्रयास हमें एक कदम आगे बढ़ाता है और हम जैसे जैसे आगे बढ़ते है वैसे वैसे हमारे लिए सफलता के रास्ते खुलते जाते है|
जो व्यक्ति विश्वास नहीं करता वो ज्यादा देर तक प्रयास नहीं कर पाता और जब वह प्रयास नहीं करता तो दूर से उसे आगे के सभी रास्ते बंद नजर आते हैं क्योंकि सफलता के रास्ते हमारे लिए तभी खुलते जब हम उसके बिल्कुल करीब पहुँच जाते है|”



Thanks…

thanks

comment here frd